Digital Chowk

Last updated: 29-06-2020 14:54:42 PM

  • पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में आसमान छू रही हैं. ऐसे में विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है. कांग्रेस हर तरफ से मोदी सरकार को घेर रही है. चाहे वह चाइना विवाद हो या फिर पेट्रोल डीजल के दाम. आज कांग्रेस ने देश भर में पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर एक #SpeakUpAgainstFuelHike  कंपेन भी शरू किआ है. इस कैम्पेन के जरिर्ये कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में हैं.

    वहीँ इधर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने मोदी सरकार पर फ्यूल की कीमतों को लेकर हमला बोला है. सोनिया जी का कहना है कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर मोदी सरकार ने 18 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूला है.

    क्या है एक्साइज ड्यूटी – What is Excise Duty?

    अब आप यह सोच रहे होंगे की एक्साइज ड्यूटी क्या होती है तो आपको बता दें कि एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) हैं! इसे हम एक्साइज टैक्स (excise tax) के नाम से भी जानते हैं। जो वस्तुओं के उत्पादन या मैन्युफैक्चरिंग पर लगाया जाता हैं. Excise Duty के लिए Taxable Event यानि कि करारोपण की शर्त “Production या Manufacturing” होता हैं। और जब माल बेचा जाता हैं, तो Manufacturer द्वारा इसे Sale Bill में जोड़कर क्रेता से वसूला जाता हैं और सरकार को जमा करवा दिया जाता हैं.

    सोनिया गाँधी ने कहा कि भारत में Fuel की कीमतें तब इतनी उंची हो जब international stage पर इसकी cost बहुत कम है.

    सोनिया गांधी ने कहा कि बढ़ी कीमतों की सीधी चोट किसान-गरीब-नौकरी पेशा वाले मध्यमवर्ग और छोटे-छोटे उद्योगों पर पड़ रही है. मैं मोदी सरकार से यह मांग करती हूं कि कोरोना महामारी के संकट में पेट्रोल-डीजल की बढ़ाई गई कीमतें फौरन वापस ली जानी चाहिए. एक्साइज ड्यूटी को भी वापस लिया जाए.